प्रसपा चीफ़ शिवपाल यादव ने दिया BJP में शामिल का संकेत, रामायण की चौपाई पढ़ धारण किया भगवा गमछा
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (Pragatisheel Samajwadi Party) के चीफ़ शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) को लेकर यूपी (UP) का सियासी पारा (political mercury) चढ़ा हुआ है। शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार सुबह रामायण की चौपाई (Ramayana’s Chaupai) के साथ भगवान राम (Lord Ram) को परिवार, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला बताया है।
शिवपाल यादव की ओर से इसे भाजपा (BJP) में जाने का एक और संकेत माना जा रहा है। शिवपाल ने ट्वीट (tweet) किया, ”प्रातकाल उठि कै रघुनाथा। मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥ आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा॥ भगवान राम का चरित्र ‘परिवार, संस्कार और राष्ट्र’ निर्माण की सर्वोत्तम पाठशाला है। चैत्र नवरात्रि आस्था के साथ ही प्रभु राम के आदर्श से जुड़ने व उसे गुनने का भी क्षण है।”
दो दिन पहले ही अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के चाचा ने पीएम मोदी (PM Modi) और सीएम योगी (CM Yogi) को ट्विटर (Twitter) पर फ़ॉलो करके अपने अगले कदम का संकेत दे दिया था। प्रसपा चीफ़ शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज़ बताए जा रहे हैं। इसकी वजह यूपी चुनाव (UP Election) के बाद सपा (SAPA) की बैठक में बुलावा नहीं मिलना बताया जा रहा है।
वैसे बैठक में नहीं बुलाए जाने पर शिवपाल सिंह यादव ने खुलकर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि मैं 2 दिनों तक इंतज़ार करता रहा और मैंने अपने सारे कार्यक्रम कैंसिल कर दिए, लेकिन मुझे कोई फोन नहीं आया।
मुझे विधायक दल की मीटिंग में भी नहीं बुलाया गया, जबकि मैं समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का विधायक (Legislator) हूँ। हालांकि समाजवादी पार्टी ने बैठक में नहीं बुलाए जाने पर सफाई देते हुए कहा कि उनको गठबंधन के दलों की बैठक में बुलाया गया है। वहीं, शिवपाल 28 मार्च को सपा गठबंधन के सहयोगियों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।