लखनऊ। भूमि अधिग्रहण (land acquisition) में अनियमितता पर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बड़ी कार्रवाई की। गाज़ियाबाद (Ghaziabad) की पूर्व डीएम निधि केसरवानी को निलंबित (suspend) करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निधि केसरवानी को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Delhi-Meerut express way) और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (Eastern peripheral express way) के लिए जमीन अधिग्रहण में हुई अनियमितता में संलिप्तता के आरोप (allegation) में निलंबित कर दिया गया है।
तत्कालीन जिलाधिकारी गाज़ियाबाद वर्तमान में केंद्र सरकार (Central government) में तैनात हैं। दोषियों पर FIR कराने के निर्देश भी जारी हुए हैं। सीएम योगी के आदेशानुसार जाँच (investigation) रिपोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद क्रियान्वित (execute) ना करने वाले नियुक्त विभाग के अफ़सरों (officers) पर भी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही अनुभाग अधिकारी नियुक्ति (Section Officer Appointment) और समीक्षा अधिकारी नियुक्ति (review officer appointment) को भी सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियुक्ति विभाग के खिलाफ विभागीय कार्यवाही (departmental action) और जाँच के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ऑफिस के ट्वीट के मुताबिक, ‘‘भ्रष्टाचार (corruption) के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस (zero tolerance) की नीति के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाज़ियाबाद की तत्कालीन जिलाधिकारी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने हेतु प्रकरण भारत सरकार (Indian government) को संदर्भित करने के आदेश दिए हैं।’ ट्वीट (tweet) में कहा गया है, ‘‘भूमि अधिग्रहण में अनियमितता पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई। तत्कालीन जिलाधिकारी गाज़ियाबाद, वर्तमान में भारत सरकार में तैनात को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने हेतु भारत सरकार को प्रकरण संदर्भित किया जाएगा।” उसमें कहा गया है ।
‘‘दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज (case filed) कर विधिक कार्यवाही के आदेश। जाँच आख्या उपलब्ध होने के बाद भी पत्रावली व्यवहृत करने में अत्यधिक विलंब के लिए जिम्मेदार नियुक्ति विभाग के संबंधित अनुभाग अधिकारी (Section Officer) व समीक्षा अधिकारी तात्कालिक प्रभाव से होंगे निलंबित तथा उनके एवं अनुसूचित के विरुद्ध शुरू होगी विभागीय कार्यवाही।’